जानें, क्या है सुंदरनगर में हुए रहस्यमय धमाके की वैज्ञानिक वजह

इन हिमाचल डेस्क।। मंगलवार 18 सितंबर को सुंदरनगर शहर और आसपास के गांवों के लोग जोरदार धमाके की आवाज़ से चौंक गए। धमाका इतना जोरदार था कि लोग डर के मारे घरों से बाहर आ गए। यह धमाका सुबह करीब सवा 10 बजे सुनाई दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि धमाका इतना तीखा और जोरदार था जैसे तुरंत ही आसपास बिजली गिरी हो। मगर बिजली गिरती है तो रोशनी भी चमकती है। मगर न तो रोशनी हुई और न ही गड़गड़ाहट। साथ ही धमाका ऐसा था कि शीशे तक कंपन करने लगे।

लोगों के बीच चर्चाओं का दौर जारी रहा। लोग पता लगाने लगे मगर किसी को पता नहीं चला कि कहां से आवाज आई। लोग एक-दूसरे को फोन करके पूछते रहे कि आपको धमाका सुनाई दिया या नहीं। मगर शाम तक किसी को पता नहीं चला कि आखिर धमाके का स्रोत क्या था।

क्या हो सकती है वजह
जब कम से कम 10-15 वर्ग किलोमीटर के दायरे में आवाज सुनाई दी है तो इसका मतलब है कि धमाके का स्रोत दमदार रहा होगा। इसके पीछे वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो एक वजह नजर आती है- सोनिक बूम (Sonic Boom)

सोनिक बूम उस धमाकेदार आवाज को कहा जाता है, जो उस समय पैदा होती है जब कोई चीज हवा में ध्वनि की रफ्तार यानी Speed of Sound से भी तेज गति से चले। इस कारण इतनी ज्यादा ऊर्जा पैदा हो जाती है कि जबरदस्त धमाके या बिजली गिरने की कड़कड़ाहट जैसी आवाज पैदा होती है।

उदाहरण के लिए ऐसा तब होता है जब हिमाचल की सड़कों पर करतब दिखाते नजर आ जाने वाले कलाकार अपनी पीठ पर कोड़े मारने का नाटक करते हैं। तब हमें लगता है कि आवाज उसकी पीठ पर जोर से कोड़े के टकराने के कारण आ रही है मगर वह चटाक की आवाज दरअसल कोड़े के अगले हिस्से के तेज गति में झटकने के कारण छोटे स्तर पर पैदा हुई सोनिक बूम के कारण होता है। समझने के लिए नीचे दिया गया वीडियो देखें-

विमानों से भी पैदा होती है सोनिक बूम
जब कभी बड़े विमान तेजी से यात्रा करते हैं और ध्वनि की रफ्तार से तेज स्पीड पकड़ते हैं तो इतनी जोरदार आवाज पैदा होती है कि लोग चौंक जाते हैं। कई बार तो घरों और इमारतों तक को नुकसान पहुंच जाया करता है। ऐसा इफेक्ट सुपरसोनिक विमानों के कारण ही पैदा हो सकता है। सुपरसोनिक विमान उन विमानों को कहते हैं जो ध्वनि की रफ्तार से तेजी से उड़ सकते हैं।

मगर जरूरी नहीं कि हमेशा इतनी तेज गति से चलने वाले विमान की धमाकेदार आवाज सुनाई दे। ये उन्हीं लोगों को सुनाई देगी जब वे तेज गति से उड़ रहे विमान या वस्तु के पीछे शंकु के आकार के क्षेत्र में पड़ेंगे। जैसे-जैसे विमान या वस्तु ध्वनि की रफ्तार से तेजी से आगे की और बढ़ेंगे, उस ज्यामितीय शंकु वाले क्षेत्र में पड़ने वाले लोगों को वह आवाज सुनाई देगी। इस बात को नीचे दिए डायाग्राम से आसानी से समझ सकते हैं-

सुंदरनगर में हुए धमाके के पीछे भी यही घटना हो सकती है क्योंकि लोगों का यह भी कहना है कि लगभग उसी समय हवाई जहाज की आवाज भी सुनाई दी थी। वैसे भी हिमाचल से सटे राज्यों में वायुसेना के कई एयरबेस हैं। ऐसे में संभव है कि उसी समय ऊपर से उड़ रहे विमान के कारण यह सोनिक बूम इफेक्ट पैदा हुआ हो। कैसा होता है सोनिक बूम इफेक्ट, नीचे वीडियो देखें-

हवा में ध्वनि 343 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चलती है जबकि यात्री विमानों की सामान्य रफ्तार लगभग 245 मीटर प्रति सेकंड होती है। जबकि सुपरसोनिक विमान कहीं तेज चलते हैं। भारतीय वायुसेना के पास भी सुपरसोनिक विमान हैं। भारत के पास मिग 21 जैसा सुपरसोनिक विमान है जो 601 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से उड़ सकते हैं जो ध्वनि की रफ्तार से लगभग दोगुनी है।

Mig 21
मिग 21

भारतीय वायुसेना अक्सर अभ्यास करती है और संभव है कि ऐसे ही किसी सुपरसोनिक विमान ने सुंदरनगर के ऊपर साउंड बैरियर तोड़ते हुए उड़ान भरी हो, उससे सोनिक बूम पैदा हुई हो और उसके शंक्वाकार प्रभाव क्षेत्र में आने वाले लोगों को यह आवाज सुनाई दी हो।

हालांकि, उस समय ऊपर से वायुसेना का विमान उड़ रहा था या नहीं, यह पुष्टि करना प्रशासन का का है। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें, हर घटना के पीछे वैज्ञानिक वजह जरूर होती है।

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