सौम्या सांबशिवन: सख्त मगर संवेदनशील पुलिस अधिकारी

शिमला।। कोटखाई रेप ऐंड मर्डर केस में उठ रहे सवालों को देखते हुए शिमला के एसपी समेत कई अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। अब सौम्या सांबशिवन को एसपी शिमला बनाया गया है जो इससे पहले सिरमौर की एसपी थीं और उनका ट्रांसफर कांगड़ा किया गया था। सौम्या सांबशिवन के रूप में शिमला को 72 साल में पहली महिला एसपी मिली हैं। सौम्या शिमला की 53वीं एसपी हैं।

 

आईपीएस ऑफिसर सौम्या को शिमला की जिम्मेदारी ऐसे वक्त मिली जब प्रदर्शनों का दौर जारी था। गुरुवार उन्होंने कार्यभार संभाला और कुछ ही समय में सचिवालय की तरफ चली गईं क्योंकि वहां प्रदर्शन शुरू हो गया था। दिन भर वह मौके सो संभालतीं और पुलिसकर्मियों को जरूरी निर्देश देती नजर आईं।

कौन हैं सौम्या
सौम्या सांबशिवन मूल रूप से केरल की हैं। अपने पैरंट्स की इकलौती बेटी हैं सौम्या। वह बायॉलजी में ग्रैजुएशन करने के बाद एमबीएम फाइनैंस कर चुकी हैं। इसके बाद एक मल्टीनैशनल बैंक में भी काम किया। उनकी इच्छा थी लेखिका बनने की मगर बीच में उन्होंने सिलिल सर्विसेज के एग्जाम दिए और IPS अधिकारी बन गईं।

SP सौम्या सांबशिवन

सख्त मगर संवेदनशील ऑफिसर की है छवि
सिरमौर में एसपी रहने से पहले सौम्या शिमला में एएसपी भी रही हैं। यहां पर सीआईडी में भी सेवाएं दे चुकी हैं। साल 2006 का में एक प्रदर्शन के दौरान एक नेता को सौम्या ने हटने को कहा मगर जब वह हटा नहीं तो सौम्या ने खुद उसे पकड़कर हटाया और जेल भेजा। वहीं कुछ मामलों में जब लोग पुलिस पर भड़के तो उन्होंने मौके पर खुद जाकर लोगों से बात की और समझाया भी।

सिरमौर में तोड़ी नशे के कारोबार की रीढ़
सिरमौर की सीमाएं हरियाणा और उत्तराखंड से लगती हैं। ऐसे में यहां पर नशे के कारोबार से लेकर कई मामले सामने आते रहते हैं। मगर सौम्या के नेतृत्व में पुलिस ने यहां पर कई बड़े कारोबारियों को पकड़ा और नशीली चीजें भी बरामद कीं।

सौम्या सांबशिवन ने सिरमौर मे नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़कर रख दी है

कई मर्डर मिस्ट्रीज़ को किया हल
एक काबिल पुलिस अफसर की पहचान यह होती है कि वह ब्लाइंड मर्डर केस को कैसे हल करता है। सिरमौर में रहते हुए उन्होंने 6 मर्डर मिस्ट्रीज हल की हैं जिनमें दो ब्लाइंड मर्डर केस थे। इनमें से एक अपराधी तो इतना शातिर था कि उसने तिहाड़ से छूटने के बाद अपराध किया था।

छात्राओं को देती हैं आत्मरक्षा की ट्रेनिंग
सौम्या छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास की ट्रेनिंग भी देती हैं। वह बच्चियों को बताती हैं कि कैसे ऐसा स्प्रे तैयार किया जाए जिससे हमलावर को कुछ मिनटों के लिए अंधा किया जा सकता है। इस स्प्रे को घरेलू साजो-सामान से आसानी से बनाया जा सकता है और यह बहुत कारगर है।

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