ठियोग में तमाशा बंद; सड़कें ‘सील’, बच्चे इलाज को तैयार

शिमला।। ठियोग के बलग में चल रहा तमाशा आखिरकार बंद हो गया है. यहां पर तीन बच्चों ने खुद को देवताओं का अवतार घोषित कर दिया था और वे कई रोगों के इलाज का दावा कर रहे थे। हरियाणा और पंजाब तक से हजारों लोग यहां आ रहे थे।

बता दें कि इस संबंध में In Himachal ने कल शिमला के डीसी और बाल अधिकार आयोग को ईमेल भेजकर पूछा था कि इस मामले में बच्चों को भीड़ और अंधविश्वास से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इसके अगले ही दिन शनिवार को एसडीएम ठियोग मोहनदत्त शर्मा पूरे प्रशासनिक अमले के साथ बलग पहुंचे और उन्होंने यहां लोगों के जाने पर रोक लगा दी है।

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बाहरियों के लिए रास्ते बंद: अब बाहरी लोगों की गाड़ियां फागू से बलग स्थित बच्चों के घर नहीं जाएगी। इसके अलावा अन्य रास्तों, जैसे कि गिरिपुल होकर भी बच्चों तक नहीं पहुंचा जा सकेगा। रास्तों को सील करने के लिए बाकायदा पुलिस बल की तैनाती की गई है। सिर्फ स्थानीय लोग ही अपने घरों की तरफ जा सकेंगे।

काउंसलिंग भी की गई: एसडीएम ने इन तीन भाई-बहनों और उनके माता-पिता से भी बातचीत की है। बच्चों के आसपास भी किसी को जाने की इजाजत नहीं होगी। एसडीएम के मुताबिक अब बच्चों ने अपने लिए सुरक्षा मांगी है को लिखकर दिया है कि उनके पास कोई नहीं आएगा और उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए।

बच्चे इलाज करवाने को तैयार: बच्चों ने ऐसा भी लिखकर दिया है कि वे अपना इलाज करवाने के लिए तैयार हैं। बच्चों के माता-पिता ने कहा है कि वे खुद बच्चों का इलाज करवाएंगे।

इन हिमाचल ने कल डीसी शिमला और बाल अधिकार संरक्षण आयोग से पूछे थे ये सवाल, आज हो गई कार्रवाई-

  • बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जानकारी में क्या यह मामला है? और हां तो इन बच्चों को भीड़ से अलग करके इन्हें स्वास्थ्य सुविधा देने की दिशा में क्या किया गया?
  • क्या आयोग ने प्रशासन या शिक्षा विभाग से जानकारी ली है कि बच्चों को फिर से स्कूल ले जाने की दिशा में क्या प्रयास किए गए?
  • लोगों में अंधविश्वास के प्रति जागरूकता लाने के लिए जिला प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
  • अब इन बच्चों के भविष्य पर असर न पड़े, इसके लिए इन्हें अंधविश्वासी लोगों की भीड़ से बचाने के लिए क्या कोई योजना बनाई गई है?
  • क्या प्रशासन को पता है कि कुछ स्थानीय लोग अपने हितों को साधने के लिए इन बच्चों का लाभ उठाने में जुटे हुए हैं?

बता दें कि अभी तक ईमेल से किए गए इन सवालों के जवाब नहीं आए हैं, जवाब आते ही प्रकाशित किया जाएगा।

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