वन्य जीव अंगों की कथित तस्करी के मामले में देवता के गुर ने दी चेतावनी

प्रतीकात्मक तस्वीर

कुल्लू।। यह घटना सुनने में अजीब जरूर लग सकती है, मगर पूरे इलाके में चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। दरअसल पिछले दिनों कुल्लू में पुलिस ने शेर सिंह नाम के शख्स को कथित तौर पर तेंदुए की खाल, मोनाल और जूजुराना जैसे जीवों की कलगियों और पंखों के साथ पकड़ा था। शाकटी इलाके के निवासी शेर सिंह को पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर लिया ताकि पूछताछ कर सके और अन्य चीजों को बरामद कर सके।

पुलिस की टीम शेर सिंह को साथ लेकर शाकटी पहुंची और आरोपी के घर की तलाशी ली। मगर पुलिस को ऐसी कोई चीज हाथ नहीं लगी, जैसी चीजें उसने पहले शेर सिंह से बरामद की थीं।

इससे पुलिस को लगा कि हो सकता है कि दूसरे लोगों ने बाकी चीजों को छिपा दिया हो या ठिकाने लगा दिया हो, क्योंकि शेर सिंह के पकड़े जाने से स्पष्ट ही था कि पुलिस छानबीन के लिए उसके घर पर भी तलाशी ले सकती है। मगर इसके बाद अचानक देव पंरपरा वाले एंगल की इस केस में एंट्री होती है।

आरोपी शेर सिंह

खबर है कि जिस समय 12 किलोमीटर पैदल सफर तय करके पुलिस टीम शेर सिंह के साथ शाकटी जा रही थी, रास्ते में उसे कई भेड़-बकरियां मरी हुई दिखीं। खून से लथपथ।

पुलिस की टीम हैरान-परेशान आगे बढ़ी। गांव पहुंचने पर लोगों ने पुलिस टीम को बताया कि ये बकरियां बाघ के हमले की शिकार हुई हैं। शायद वे तेंदुआ (Leopard) कहना चाह रहे हों क्योंकि यहां बाघ (Tiger) नहीं पाए जाते। बहरहाल, आम तौर पर देखा गया है कि तेंदुआ सिर्फ भूख लगने पर शिकार करता है और एक शिकार हाथ न आने पर दो-तीन अन्य जानवरों पर हमला कर सकता है। मगर 80 भेड़-बकरियों को मारना समझ से परे था।

प्रतीकात्मक तस्वीर

गांव में छानबीन के बाद पुलिस टीम यहां पर देव ब्रह्मा के मंदिर भी गया। यहां पर देवता के गुर (Shaman, मान्यताओं के मुताबिक देवता अपने गुर के माध्यम से बात करते हैं) ने कहा कि पुलिस ने जितनी भी कलगियां आदि अपने कब्जे में ली है, उसे तुरंत लौटाए।

ऐसी जानकारी सामने आई है कि देवता ने चेतावनी दी है कि अगर ये कलगियां नहीं लौटाई गईं तो नतीजे ठीक नहीं होंगे। गांववालों में डर था कि देवता नाराज हैं और इसी कारण इतनी भेड़-बकरियां उनके गुस्से के कारण मारी गई हैं। उन्हें किसी और अनहोनी का भी अंदेशा है।

बहरहाल, देवता ने कथित तौर पर गुर के माध्यम से ये कलगियां लौटाने का आदेश इसलिए दिया क्योंकि शेर सिंह नाम के जिस शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वह देवता का भंडारी है यानी देवता की चीजों के भंडार की देख-रेख करने वाला।

बरामद चीज़ें

लोगों का कहना है कि ये सब चीजें को शेर सिंह के पास मिली हैं, दरअसल वे कालांतर में श्रद्धालुओं की तरफ से देवता को चढ़ाई गई थीं।

अब शेर सिंह को भुंतर वापस लाया गया है। इस बीच डीएसपी हेडक्वॉर्टर कुल्लू आशीष शर्मा ने मीडिया से कहा है कि शाकटी गांव में आरोपी के घर जाकर दूसरी बार हुई तलाशी में कोई चीज नहीं मिली है जो केस में जुड़ सके। उन्होंने ये भी कहा कि साथ गई टीम ने देवता की ओर से गुर के माध्यम से दी गई चेतावनी की भी जानकारी दी गई है।

तो इस तरह से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह आस्था बनाम कानून के टकराव का मामला भी बनता जा रहा है। साथ ही पुलिस असमंजस में है कि आखिर अब किया क्या जाए।

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