कानून को ताक पर रखकर सड़क किनारे सफेद रिफ्लेक्टर निशानों पर नारे लिख रहे बीजेपी कार्यकर्ता

इन हिमाचल डेस्क।। पार्टी का प्रचार करने के चक्कर में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमों को ताक पर रखने का मामला सामने आया है। बीजेपी के कार्यकर्ता न सिर्फ NGT के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर सड़क किनारे चट्टानों और अन्य जगहों पर पेंट और अन्य रंगों से स्लोगन लिख रहे हैं बल्कि PWD द्वारा रिफ्लेक्शन के लिए लगाए गए सफेद रंग के निशानों को भी बदरंग किया जा रहा है। इस तरह से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है बल्कि सड़क से यात्रा करने वालों की जान भी खतरे में डाली जा रही है। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत के निर्माण पर जोर दे रहे हैं वहीं बीजेपी कार्यकर्ता गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से ठीक इससे उल्टा काम कर रहे हैं।

चट्टानों पर नारे लिखे जा रहे हैं

‘भारतीय जनता युवा मोर्चा आई. टी. प्रकोष्ठ, हिमाचल प्रदेश’ नाम के फेसबुक ग्रुप पर एक शख्स ने शनिवार को कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। पोस्ट करते वक्त उन्होंने लिखा है- भारतीय जनता युवा मोर्चा, मण्डल नाहन द्वारा धारटीधार में दिवार लेखन किया गया। मगर साथ में जो तस्वीरें हैं वे चौंकाने वाली हैं (अगर हटाई न गई हो तो आप यहां क्लिक करके देख सकते हैं)। उनमें कुछ लोग सड़क किनारे के पत्थरों पर बीजेपी लिखते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसा करना NGT के नियमों का उल्लंघन है। मगर हद तो तब हो जाती है जब कुछ लोग सड़क किनारे सफेद किए गए पत्थरों और दीवार पर चूने से लगाए गए निशानों पर भी ‘बीजेपी’ लिखकर उन्हें बदरंग कर रहे हैं।

इन सफेद निशानों का बहुत महत्व होता है

गौरतलब है कि सड़क किनारे पेड़ों, पत्थरों, पैराफिट और दीवारों या चट्टानों पर चूने के निशानों को रिफ्लेक्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल पहाड़ी इलाकों में तीखे मोड़ और खाईयां होती हैं। ऐसे में कहीं कोई वाहन चालक अंदाजा न लगने पर सड़क से बाहर न निकल जाए, इसके लिए पारंपरिक तौर पर चूने के निशान बनाए जाते हैं जो रोशनी पड़ने पर रिफ्लेक्ट करते हैं और वाहन चालकों को पता चल जाता है कि सड़क कहां तक है।

ग्रुप में डाली गई पोस्ट

इस तरह से बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा इसे नुकसान पहुंचाना गलत है क्योंकि इससे परावर्तन कम होगा और वाहन चालकों को धोखा हो सकता है। ऐसे में अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है और कोई हादसा भी हो सकता है। इसीलिए यह हरकत न सिर्फ शर्मनाक बल्कि गैरकानूनी भी है। गौरतलब है कि बीजेपी ही नहीं, अन्य पार्टियां और कई कंपनियां ऐसा ही कर रही हैं और जगह-जगह पेंट से इश्तिहार छाप रही हैं। शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटर और अस्पतालों के विज्ञापन भी प्रदेश को बदरंग करते नजर आते हैं। ऐसे मामलों में राजनीतिक पार्टियों को तो और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।

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